'प्राचीन भारत' को प्रामाणिक ग्रन्थों के आधार पर लिखा गया है। इसमें प्रारम्भिक काल, उत्तर वैदिक काल, धार्मिक क्रान्ति और मगध, मौर्य साम्राज्य, मोर्योत्तर युग, गुप्तकाल और हर्षवर्धन नामक सात अध्याय हैं। इनमें प्रारम्भ से लेकर हर्षवर्धन तक के भारतीय सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं साहित्यिक परिदृश्य को संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।पुस्तक की रचना सरल भाषा में की गई है, ताकि पाठकगण विषय को आसानी से समझ सकें। इसके अध्ययन से छात्रों में भारतीय इतिहास एवं संस्कृति के प्रति दृढ़ निष्ठा का विकास होगा।
लेखक- डॉ॰ आर॰ के॰ शुक्ला, प्राध्यापक (गणित), स्वामी विवेकानंद राजकीय कॉलेज, घुमारवीं, बिलासपुर
पुस्तक का मुद्रित मूल्य- रु 225
यह पुस्तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली में 30 जनवरी 2010 से 7 फरवरी 2010 तक, 19वाँ विश्व पुस्तक मेला के दौरान हिन्द-युग्म के स्टॉल (हॉल नं॰ 12A, स्टॉल नं॰- 285) पर विक्रय के लिए उपलब्ध है। जरूर पधारें।















